चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई में कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए तैयार और इमरजेंसी मरीजों का भी उचित इलाज 24 घंटे किया जा रहा है।
इटावा (सैफई)। चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई के कुलपति प्रो0 डॉ राजकुमार ने बताया की जिले के निकटवर्ती क्षेत्रों में चल रहे कोरोनावायरस के उपचार एवं आइसोलेशन एवं क्वॉरेंटाइन के लिए विश्वविद्यालय की तैयारी युद्ध स्तर पर पूरी की जा चुकी है। विश्वविद्यालय के पुराने ओपीडी बिल्डिंग में बने कोविड-19 अस्पताल में शासन के आदेशानुसार सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें आइसोलेशन, क्वॉरेंटाइन, क्रिटिकल केयर, हेल्थ केयर वर्कर के लिए क्वॉरेंटाइन, लॉजिस्टिक इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था है। सरकार की तरफ से सभी जरूरी दवायें, रेजेंट एवं अन्य जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गयी है तथा किसी भी चीज की कमी नहीं है। पूरी तरह से ट्रेंड मेडिकल टीम को तीन शिफ्ट में तैनात कर दिए गए हैं और मरीजों का ट्रायज शुरू किया जा चुका है। कोविड-19 अस्पताल के लिए कई महत्वपूर्ण कमेटियाॅ गठित की गई हैं जैसे कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी, आइसोलेशन कमिटी, क्वॉरेंटाइन कमेटी इत्यादि, जोकि शासन के नियमानुसार एवं मानकों के अनुसार दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
प्रो0 डा0 राजकुमार ने बताया की यूनिवर्सिटी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम है और क्षेत्र के लोगों को अब कोरोना वायरस से डरना नहीं है बल्कि अस्पताल प्रशासन एवं मेडिकल टीम के साथ मिलकर कोरोनावायरस से लड़ना एवं जीतना है। उन्होंने यह भी बताया की विश्वविद्यालय में कोविड-19 अस्पताल के संचालन के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी लगातार 24 घंटे प्रदान की जा रही हैं। हेड इंजरी आईसीयू, मेडिसिन आईसीयू, इमर्जेंसी एवं ट्रामा, लेबर रूम, बर्न वार्ड इत्यादि में चिकित्सकीय सेवाएं लगातार दी जा रही हैं। इमर्जेंसी ट्रामा, बर्न तथा हेड इंजरी तथा गंभीर मरीजों को नियमित रूप से देखने के साथ उनका इलाज भी किया जा रहा है। जिससे ये मरीज स्वस्थ होकर अपने घर को जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में पिछले तीन दिनों का आॅकडा देखा जाये तो इमर्जेंसी ट्रामा में पिछले तीन दिनों में 54 गंभीर मरीज देखे गये जिसमें इलाज से ठीक होने के बाद वर्तमान में 04 मरीज भर्ती हैं। वहीं हेड इंजरी वार्ड में 17 मरीज भर्ती रहे तथा इलाज के बाद वर्तमान में 06 मरीज भर्ती हैं। मेडिकल आईसीयू में 35 मरीज भर्ती रहे जिसमें से ठीक होने के बाद वर्तमान में 06 मरीज एमआईसीयू में भर्ती हैं। बर्न वार्ड में पिछले तीन दिनों में कुल तीन मरीज भर्ती हुए तथा अभी भी इन तीन मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ रमाकांत यादव ने बताया की अब तक विश्वविद्यालय के फ्लू ओपीडी में लगभग 1900 मरीजों को देखा जा चुका है और 16 मरीजों को भर्ती किया गया है इनमें से कोई भी मरीज पीसीआर पॉजिटिव नहीं पाया गया है। इसके अलावा 4 मरीजों को क्वॉरेंटाइन भी किया गया है उनमें से भी कोई पॉजिटिव नहीं पाया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कुलपति महोदय द्वारा कोविड-19 की गंभीरता को देखते हुए प्रतिदिन सभी कमिटियों की मिटिंग एवं कार्यप्रगति के साथ नियमित रूप से कोविड-19 से सम्बन्धित साइटों का निरीक्षण अधिकारियों के साथ किया जा रहा है।