बीमारियों के देशज इलाज खोजने की जरूरत--- प्रो संजय

बीमारियों की देशज चिकित्सा तलाशना आज की जरूरत- प्रो0 संजय पासवान 
इटावा।चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति एवं जाने-माने न्यूरो सर्जन प्रो0 डा0 राजकुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘व्यायाम एक आयाम‘‘ का विमोचन विश्वविद्यालय के आडिटारियम में मुख्य अतिथि एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रो0 (डा0) संजय पासवान द्वारा किया गया। पुस्तक के विमोचन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 डा0 राजकुमार के अलावा विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ रमाकांत यादव, पुस्तक के सहलेखक एवं पैरामेडिकल कालेज, फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 सूरज कुमार, संकाय अध्यक्ष डॉ आलोक कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डा0 आदेश कुमार, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा, निदेशक वित्त गुरूजीत सिंह कलसी आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फैकेल्टी मेम्बर मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टूडेन्टस को पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा0 संजय पासवान द्वारा संबोधित भी किया गया। कार्यक्रम संयोजन में डा0 सोमेन्द्र पाल सिंह एवं डा0 राजमंगल आदि ने विशेष भूमिका निभाई।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा0 संजय पासवान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इट रिजनल एण्ड इट सीजनल (स्थानीय भोजन एवं मौसमी भोजन) के सिद्वान्त को अपनाने के साथ अपनी व्यस्त दिनचर्या में से हर रोज 20 मिनट समय निकालकर व्यायाम करता है तो इससे उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) बेहतर होने के साथ ही वह अनेक गंभीर रोगों से भी बच सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मनुष्य अपने को चुस्त-दुरूस्त रखने के लिए किसी प्रकार का भी सामान्य व्यायाम कर सकता है, लेकिन बीमारियों से निजात हेतु किये जाने वाले व्यायाम को चिकित्सकीय व्यायाम की श्रेणी में रखा जाता है तथा इन चिकित्सकीय व्यायामों को चिकित्सक तथा अनुभवी फिजियोथेरेपीस्ट की सलाह एवं देखरेख में किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलपति एवं जाने-माने न्यूरो सर्जन प्रो0 (डा0) राजकुमार ने कहा कि पुस्तक ‘‘व्यायाम एक आयाम‘‘ के माध्यम से व्यायाम से स्वास्थ पर होने वाले सकारात्मक प्रभावों को उल्लिखित किया गया है। इस अनुठी पुस्तक के माध्यम से एविडेंस बेस्ड मेडिसिन के आधार पर व्यायाम के रोग निवारक क्षमताओं के बारे में आसान भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान जीवनशैली में हमारा युवा वर्ग किस तरह के व्यायाम करके ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, डिप्रेशन, कैंसर, कमर एवं घुटने आदि के दर्द से कैसे बचाव कर सकते हैं। इसके अलावा जोडों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द एवं आॅपरेशन के बाद की रिकवरी के लिए भी किस प्रकार के व्यायाम उपयोगी हैं को आसान भाषा में इस पुस्तिका में समझााने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में इस पुस्तिका को स्लाइड के माध्यम से भी मरीजों को दिखाया जायेगा। आप्रेशन के बाद जरूरी मरीजों को यह लघु पुस्तिका मुफ्त में भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि इस अनोखी पहल से अपने देश के साथ ही विदेशों में भी लोग व्यायाम के महत्व को समझ कर रोग मुक्त एवं स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति एवं न्यूरोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रमाकांत यादव तथा पुस्तक के सहलेखक एवं पैरामेडिकल कालेज, फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 सूरज कुमार ने बताया कि ‘‘व्यायाम एक आयाम‘‘ पुस्तक में मुख्य रूप से चिकित्सकीय व्यायाम को बताया गया है। इसके अलावा सही तरीके से किये जाने वाले व्यायाम के फायदों पर भी विस्तार से पुस्तक में जानकारी दी गयी ।