प्रशासन ने स्पष्ट किया किसी को हक़ नहीं है अराजकता फ़ैलाने का पीस कमेटी की बैठक में।
इटावा। शहर में सीएए और एनआरसी को लेकर मचे घमासान को लेकर शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये कोतवाली सदर में प्रशासनिक अफसरों व सम्भ्रांत लोगों साथ पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई।प्रशासन ने स्पष्ट किया किसी को हक़ नहीं है अराजकता फ़ैलाने का ।
बैठक में एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने कहा सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है, यह कानून नागरिकता देने का है लेने का नहीं। संसद में बिल पास हुआ है। लोग इसे समझ भी रहे हैं, इटावा में फिर भ्रांति क्यों फैल रही है। पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान के पीड़ितों को नागरिकता मिलेगी। देश की संवैधानिक व्यवस्था पर विश्वास करना पड़ेगा। एसपी सिटी डॉ. रामयश सिंह ने कहा कि जिले की जो परम्परा चली आ रही है उसे बरकरार रखें। सब साथ मिलकर रहें यही प्रशासन का लक्ष्य है। कुछ लोग दुष्प्रचार करके लोगों को बरगला रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहें। सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ शुक्ला ने कहा शहर में अच्छा वातावरण बना रहे, यहां का माहौल प्रशासन कतई खराब नहीं होने देगा। धरने प्रदर्शन की अनुमति लेनी चाहिए। महिलाएं बैठी थीं प्रशासन चुप रहा, लेकिन हजारों लोगों की भीड़ क्यों एकत्र हुई। इस लिए पुलिस को भीड़ को हटाना पड़ा।
एसड़ीएम सदर सिद्धार्थ ने कहा कि पीस कमेटी के लोग ऐसी गतिविधियों पर नजर रखे और रोक लगाए फिर प्रशासन कोई कार्यवाही करे तो कोई शिकायत न करे।सीओ सिटी एस एन वैभव पांडेय ने कहा कि हमने महिलाओं को नहीं रोका और युवकों से शांति की अपील भी की मगर कोई रास्ते से नहीं हटे। अब अरकजता को बर्दाश्त नही किया जाएगा और शहर में अराजकता फैलाने पर ऐतिहासिक कार्यवाही होगी। नगर पालिका परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि फुरकान अहमद ने कहा पीस कमेटी को इस कार्यक्रम की जानकारी नही हुई। अचानक महिलाओं की भीड़ एकत्र हो गई। हम लोगों ने माहौल सामान्य कराने की बहुत कोशिश की। पीस कमेटी के लोग शहर में हमेशा अमनचैन चाहते हैं और प्रशासन का पूरा सहयोग भी करते हैं। पीस कमेटी की बैठक में शहर कोतवाल अनिल मणि त्रिपाठी, हाजी गुड्डू मंसूरी, हाजी फजल यूसुफ, तारिक़ शम्शी, हाफिज मोहम्मद अहमद, मुमताज चौधरी, शावेज़ नक़वी, हाशिम कुरैशी, सभासद जुगनू, वसीम चौधरी, चांद वारसी, वसीम कासमी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।